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- जन्मदिन 1 फ़रवरी, 1981 (Feb 1st, 1981)
- इमेल सम्पर्क का पता है सलीम एल के ओ एट दी रेट जी मेल डॉट कॉम ( saleemlko@gmail.com)
- पैदा हुआ लखनउ के निशातगंज मोहल्ले में, बचपन बीता पीलीभीत (के एक छोटे से गाँव में नाम है-सिद्धनगर) (स्थाई पता) मे…….कई कई बार पीलीभीत से थोड़े थोड़े समय के लिये दूर हुए.लेकिन हर दूरी मे पीलीभीत से प्यार बढता गया. सन १९९८ से लखनउ में रह रहा हूँ.
- लेकिन अब पीलीभीत मे रहना मुश्किल, क्योंकि मुझे खेती करना पसंद नहीं.
- साइकिल से सिर्फ एक बार गिरा, उससे लगी चोट अभी तक है बायें कंधे में, लेकिन बाइक से कई बार गिरा और एक बार बड़ा फ्रेक्चर हुआ प्लास्टर चढा....
- बारिश मे भीगना बहुत पसन्द है, जाहिर बचपन मे कागज की नावें बहुत चलायी. हमारे वहाँ (पीलीभीत में) हर साल बाढ़ आती है (थी) मैं उसमें कम गहरे गढ़हे में दुपट्टे से छोटी छोटी मछलियाँ पकड़ता था.
- बचपन मे मै बहुत शरारती नहीं था, मैं गाँव के शरीफों का सरदार था.
- मै अल्लाह मे विश्वास रखता हूँ.
- मै हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी, पंजाबी और भोजपुरी भाषायें बोल लेता हूँ.
- लेकिन मेरे को उर्दू भाषा सबसे अच्छी लगती है.
- कालेज टाइम मे सिनेमा देखने कई खुद का बना रेकार्ड तोड़ा…..अब एकदम बन्द.
- बचपन में गन्ना चूसने का बहुत शौक था अब तो लखनउ में एक भी गन्ना नहीं चूसा वजह आप सब को पता है.
- फिल्मों की डीवीडी खरीदनें का बड़ा शौंक, लेकिन देखने का शौँक अभी नही आ पाया.
- जिन्दगी मे काफी उतार चढाव देखे……अपनों को बदलते देखा, गैरों को हाथ बढाते देखा…शायद यही दुनिया है.
- जिन्दगी हर रोज कुछ ना कुछ नया सिखाती है, बहुत कुछ सीखा…….नही सीख पाया तो बस किसी से नफरत करना.
- मेरा मानना है प्यार के लिये जिन्दगी कम पड़ती है, नफरत के लिये कहाँ जगह है इसमे?
- मै किसी को बाय बाय नही कर सकता, मुझे बहुत दुःख होता है किसी को बाय बाय करने मे. लेकिन अगर मेरा दिल दुखाया वो भी किसी अज़ीज़ और अपने ने तो मन करता है उसकी मैं वाट लगा दूँ
- जीवन मे अपनी माताजी से बहुत प्रेरित रहा, अब वो तो नही रही.
- मेरी सबसे अच्छी दोस्त लड़कियाँ ही हैं, जाने क्यो?
- प्यार के मामले मे मैं बिलकुल भी लकी नहीं रहा…….अब ज्यादा बताकर जूते नही खाना चाहता.
- प्यार के मामले मे बहुत बहुत सेन्टी हूँ, और पहला प्यार तो कभी भी भुलाये नही भूलता.
- प्रोफेशनली मै बहुत ही खड़ूस हूँ, सारे जूनियर्स पीठ पीछे गालियाँ देते होंगे.क्योंकि मेरा मानना है काम के मामले मे कोई कम्प्रोमाइज नही. लेकिन मैं दिल से कभी किसी का नुकसान नहीं चाहता.
- साफ्टवेयर, तकनीक और इन्टरनेट मे बेहद तेज हूँ, लखनउ मे मेरे प्रतिद्वन्दी लोग मेरे बारे मे कहा करते थे, कि “ये गंजो को पहले कंघा, फिर आईना और फिर बाल उगाने वाला तेल भी बेच सकता है.” लेकिन मैं हकीक़त में ऐसा नहीं था.
- व्यापार के लिये एकदम अनफिट, पिछले अनुभव तो यही बताते है, शायद कई बार दिल से डिसीजन लिये इसलिये.
- पढाई के साथ साथ नौकरी मे भी हाथ आजमाया.
- कहते है हर सफल व्यक्ति के पीछे किसी महिला का हाथ होता है, अब मै किस का नाम लूँ? अब आप ही बताईये...ये भी सच ही है कि हर असफल आदमी के पीछे एक से ज्यादा औरतों का हाथ होता.
- नयी चीजें सीखने की लगन. परिश्रम से कभी पीछे नही हटे…..अरे..अरे…. ये तो मै अपनी तारीफ करने लगा.
- इस जीवन मे सब कुछ सम्भव है, सब कुछ……
- किताबों और संगीत से बेहद लगाव, संगीत मे ग़ज़लों से लगाव.
- जगजीत सिंह, किशोर दा, कुमार सानु और सोनू निगम बेहद पसन्द है.
- कुछ गा गुनगुना भी लेता हूँ, गाने मे किशोर दा के दर्दीले गीत बेहद पसन्द.
- ग़जलों और शेरो शायरी का बेहद शौंक, खुद लिखा, सब था, संजोये हुए, एक दिन ऐसा गुस्सा आया कि सब फाड़ फूड बराबर कर दिया !
- दोस्त एक भी नहीं. जो हैं वो सब अपने मतलब के ...शायेद मैं यहीं सबसे ज्यादा अनलकी रहा.
- सुबह सबेरे पहला काम, अपनी प्यारी बेटी को घर से बहार ले जाकर पार्क और आस पास घुमाना.
- पहनने मे कोई खास पसन्द नही, जो मिला जैसा मिल ओढ लिया.
- राजनीतिक चर्चा से प्यार लेकिन राजनीतिज्ञों से बेहद चिढ, देश की तरक्की मे ये ही सबसे बढा रोड़ा बने है.
- भोजन मे मुगलाई खाना/व्यंजन काफी पसन्द.
- मै बेहद कोआपरेटिव हूँ, इतना कोआपरेटिव कि कभी कभी तो लोग शक करने लगते है. शक भी कैसा वही जो इंसानी फितरत में है नकारात्मक...
- मसालेदार खाना खाने मे अव्वल रहता हूँ, लेकिन क्या करें डाक्टर और पत्नी दोनो ने कन्ट्रोल कर रखा है.
- सुबह सुबह जल्दी उठना पसन्द…… लेकिन क्या करें, आँख नहीं खुलती. हाँ आजकल रोजाना टहलने जरूर जाता हूँ, देखो कब तक चलता है ये सब.
- फेवरिट पास टाइम-पुरानी बातें करना. कभी कभी यही अपनों से झगडे कि वजह बन जाता है इसलिए अब कंट्रोल करता हूँ. पहले मैं पुरानी यादें याद किया करता था.
- सपना-उस दिन का इन्तजार है, जब सभी भारतवासी उर्दू और भोजपुरी को इज्जत देना शुरु करेंगे.
- ब्लाग लिखने का मकसद, लोगों तक अपने विचार पहुँचाना और लोगो के विचारों तक पहुँचना. See Saleem'z Blog
- आस पास की सबसे बड़ी उपलब्धि-हिन्दी ब्लागजगत के साथियों का सानिध्य पाना.
- सपने देखना बहुत पसन्द है, खासकर पिछली जिन्दगी से मुत्तालिक……
- फोटोग्राफी का भी बहुत शौँक है, आप भी देखिये मेरे कुछ फोटो कलैक्शन.
- मेरी फोटो गैलरी यहाँ है, इसमे पब्लिक कलैक्शन ही शामिल है, प्राइवेट कलैक्शन के लिये मुझे लिखें.
- मेरे ब्लाग के पात्र, अलग अलग विचारधाराओ का प्रतिनिधित्व करते है, ये असली है या नकली, इस पर मै कुछ नही कहना चाहता. अमाँ लोगो से पिटवाना चाहते हो क्या?
- जीवन मे सबसे ज्यादा प्यार अपने परिवार को करता हूँ, फिर पेशे, दोस्तों और दुनिया जहान की बारी आती है.
- बच्चों मे बच्चों जैसा बन जाता हूँ, बूढों मे बूढों जैसा और जवानो मे जवानो जैसा.
- मै मानता हूँ कि अनुभव ही सबसे अच्छा अध्यापक होता है.
- दुनिया मे सबसे कीमती चीज विश्वास है.
