हिंदी संसार

व्यक्ति-चर्चा :साक्षात्कार,परिचय,प्रसंग, शोध-पत्र,आलेख

 गुरु देव पंडित ईश्वरी प्रसाद तिवारी

सदाचारी आदर्श गुरु देव पंडित ईश्वरी प्रसाद तिवारी ने ज़िंदगी भर चप्पल नहीं पहनी ये अलग बात है की इनके जाने कितने विद्यार्थी आज आई ऐ एस /आई पी एस /विदेश वासी हो गए हैं । काय भाई समीर जी सही है न ?
इस आदर्श शिक्षक ने बताया की ऋषि-परम्परा का अधुनातन युग में परिपालन कैसे किया जाता है।
पिछले सप्ताह बैसाख की कड़ी धूप में घर से जीप पे सवार हो मैं दफ्तर की और जा रहा था कि गढ़ा ओव्हर-ब्रिज पर चढता साया काँधे पर नीला गमछा डाले मुझे दिखा। रोहित को जीप रोकने का निर्देश दिया तब तक जीप काफी आगे बढ चुकी थी। किंतु गुरु से मिले बगैर मुझे जाना न था .... सो रोहित ने गाड़ी पीछे की और ठीक गुरु जी के पास ला खड़ी कर दी । गाड़ी से उतर चरण राज माथे पर लगाने का यह अवसर मैं गंवाना नहीं चाहता था.... ईश्वर ने आस पूरी की।
जाने कितने महल बनवाएं होंगे इनने सीधे तौर पर मुझे तिवारी जी के विद्यार्थी होने का गौरव तो नहीं मिला किंतु जब भी मौका मिला मैं इनकी दर्शन कराने इनसे चर्चा करने ज़रूर गया। मुझे मुन्ना-बेटा संबोधन आज भी मिला सुनने । मिलते ही बड़े भाई साहब सतीश बिल्लोरे एवं चचेरे भाइयों क्रमश: प्रशांत और प्रभात के बारे में जानकारी चाहने वाले पंडित जी की याद दाश्त का तो कोई ज़वाब नहीं ।
"
गुरुदेव विद्यादान को सबसे बड़ी पूजा मानतें हैं अपने पिता की मृत्यु के बाद उनका दाहसंस्कार के बाद बच्चों को पढाने स्कूल आ जाना उनकी कार्य के प्रति प्रतिबद्धता का सर्वोच्च उदाहरण रहा हैं "समाज की मान्यताएं जो भी हों कई मास्टर तब इनकी इस हरकत से इनको नापसंद भी कर रहे थे किंतु योगियों संतों का जीवन सामाजिक होकर भी परालौकिक होता है, इस बात को समझाने वाला इन से सहमत था। "पंडित लज्जा शंकर झा उच्चतर माध्यमिक स्कूलऑफ़ एक्सीलेंसी का यह शिक्षक आज भी उसी सादगी को जी रहा हैं जो भारतीय गुरु शिष्य परम्परा के वाहक अर्वाचीन भारत जिया करते थे.....!"
इस ब्लॉग के ज़रिये आप गुरुदेव के बारे में जो जान पाएगें वो कम ही होगा गुरुदेव को जानने के लिए माडल हाई स्कूल यानि अब जिसे
पंडित लज्जा शंकर झा उच्चतर माध्यमिक स्कूलऑफ़ एक्सीलेंसी कहा जाता है के 60 से 90 के दशक के विद्यार्थी बता सकतें है इनमें से शायद आप ही हो कोई एक...? यदि नहीं तो भी गुरुदेव से फोन पर बार तो की जा सकती है 07612420238 पर
गुरुदेव आज भी पेंशन और जन सहयोग से विधवाओं गरीब महिलाओं को सिलाई मशीन दिलाते ताकि उनका जीवन सरल हो

 

हाल की साइट गतिविधि

0आज
अनामांकित है

नेविगेशन